1 से 12वीं तक सभी स्कूल बंद, डीएम के आदेश से जारी हुआ नोटिस School Holiday

By: Aria

On: January 24, 2026 6:00 PM

School Holiday

School Holiday: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक अहम फैसला लिया गया है जो लाखों छात्रों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित करने वाला है। मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर संगम नगरी में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और शहर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया एक जरूरी कदम है। हर साल इस धार्मिक अवसर पर देश भर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है, जिससे सड़कों पर भारी जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। ऐसे में स्कूली बच्चों का आना-जाना खतरनाक हो सकता है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए डीएम ने यह फैसला लिया है।

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स्कूल बंदी का आदेश क्या है और कब तक लागू रहेगा

प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इस आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूल 16 जनवरी से लेकर 20 जनवरी 2026 तक पूरी तरह बंद रहेंगे। यह आदेश कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू है। इस दौरान किसी भी स्कूल में कक्षाएं नहीं चलेंगी और न ही कोई शैक्षणिक गतिविधि होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह फैसला अस्थायी है और केवल मौनी अमावस्या से जुड़े दिनों में बढ़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखकर लिया गया है। 21 जनवरी से सभी स्कूल सामान्य रूप से खुल जाएंगे और पढ़ाई फिर से शुरू हो जाएगी।

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स्कूल बंद करने से जुड़ी मुख्य बातें

प्रशासन के इस निर्णय के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। मौनी अमावस्या प्रयागराज का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है और इस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान करने आते हैं। इतनी विशाल भीड़ के कारण शहर की मुख्य सड़कें, पुल और चौराहे पूरी तरह जाम हो जाते हैं। यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है और सुरक्षा एजेंसियों पर भी भारी दबाव पड़ता है। ऐसे माहौल में स्कूली बच्चों का रोज स्कूल जाना किसी दुर्घटना को न्योता दे सकता है। स्कूल बसों और निजी वाहनों का चलना भी स्थिति को और जटिल बना सकता है। इसलिए प्रशासन ने पहले से सतर्कता बरतते हुए यह कदम उठाया है।

स्कूल बंदी का छात्रों और अभिभावकों पर असर

यह फैसला छात्रों के लिए राहत भरा है क्योंकि उन्हें भीड़भाड़ और यातायात की समस्याओं से बचने का मौका मिलेगा। अभिभावकों को भी इस बात की चिंता नहीं रहेगी कि उनके बच्चे सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच पाएंगे या नहीं। हालांकि कुछ अभिभावकों को पढ़ाई में व्यवधान की चिंता हो सकती है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह बंदी केवल पांच दिन की है और इसका शैक्षणिक सत्र पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे इन दिनों बच्चों को घर पर सुरक्षित रखें, भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचाएं और घर पर ही उनकी पढ़ाई या रिवीजन पर ध्यान दें।

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स्कूल बंदी की खास बातें

इस आदेश की कुछ विशेष बातें हैं जो इसे पहले के फैसलों से अलग बनाती हैं। सबसे पहले, यह आदेश केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है बल्कि सभी निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों पर भी लागू होता है। दूसरा, प्रशासन ने किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचने के लिए पहले से ही सभी स्कूल प्रबंधनों को सूचित कर दिया है। तीसरा, इस आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिसमें स्कूल की मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान हो सकता है। चौथा, शिक्षा विभाग को इसकी निगरानी की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि कोई भी स्कूल इस आदेश की अनदेखी न कर सके।

स्कूल बंदी का उद्देश्य और मकसद

इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। प्रशासन का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को होता है। भगदड़, ट्रैफिक दुर्घटना या किसी अन्य अप्रत्याशित घटना की स्थिति में बच्चे सबसे कमजोर वर्ग होते हैं। इसके अलावा शहर में यातायात का दबाव कम करना और सुरक्षा बलों को अपना काम आसानी से करने देना भी इस फैसले का लक्ष्य है। डीएम का यह निर्णय दर्शाता है कि प्रशासन केवल समस्या आने पर प्रतिक्रिया नहीं करता, बल्कि पहले से ही सतर्कता बरतता है और संभावित खतरों को रोकने के लिए सक्रिय रहता है।

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Disclaimer: यह लेख विभिन्न प्रशासनिक आदेशों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्कूल से जुड़ी अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस को ही मान्य माना जाए। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से सीधे संपर्क करके पुष्टि कर लें।

Aria Grace is a professional writer and editor covering government schemes, latest news, technology, and automobiles. She provides accurate, clear, and easy-to-understand content to help readers stay informed about important updates and trends.

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